Tuesday, 8 May 2012

मंगल पे जंगल

भारत की जनसंख्या 2011 की जनगणना के हिसाब से 121 करोड़ के आकडे को पार कर गयी है । संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के अनुसार वर्ष 2003 में विश्व की जनसंख्या 6.30 बिलियन थी। वर्ष 2050 में यह बढ़कर 8.91 बिलियन हो जाएगी। भारत विश्व में नी आबादी वाला दूसरा देश है। भारत के पास विश्व की समस्त भूमि का केवल 2.4 प्रतिशत भाग ही है जबकि विश्व की जनसंख्या का 16.7 प्रतिशत जनसंख्या भारत वर्ष में निवास करती है। जनसंख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों पर और भार बढ़ जाएगा। जनसंख्या दबाव के कारण कृषि के लिए व्यक्ति को भूमि कम उपलब्ध होगी जिससे खाद्यान्न, पेय जल की उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, इसके अलावा लाखों लोग स्वास्थ्य और शिक्षा के लाभों एवं समाज के उत्पादक सदस्य होने के अवसर से वंचित हो जाएंगे। हमे कम जमीन और कम पानी से अधिक अन्न उपजाना होगा अन्यथा अब समय आ गया है जब हमे मंगल गृह पर जीवन की संभावना को तलाशना होगा ।  
क्या mars ग्रह पर जीवन की संभावना है ? वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी की तरह मंगल ग्रह भी अपने अक्ष पर झुका है और पृथ्वी की तरह मंगल भी अपनी धुरी पर घूम रहा है । अपनी धुरी पर घुमने के लिए मंगल 24 घंटे 29 मिनट 36 सेकंड का समय लेता है ।  सूर्य का एक चक्कर लगाने मे मंगल 687 दिन लगाता है जो पृथ्वी के 365 दिन से लगभग दुगना समय है । पृथ्वी की ही तरह मंगल पर भी 6 ऋतुए होती है बस अंतर केवल इतना है की ऋतुओ की अवधि दुगनी होती है । अगर मंगल पर मानव जीवन है तो क्या वहा का मानव क्या सैटिलाइट की मदद से मोबाइल उपयोग करता है । क्या वहा के मानव ने कभी पृथ्वी से संपर्क साधने की कोशिश करी है ।क्या वहा का मानव भी कई धर्मो जातियो मे बटा हुआ है । क्या वहा भी नकसलवाद की समस्या है । अगर वहा जीवन संभव है किन्तु मानव नहीं है तो क्या वहा पर पृथ्वी से मानव शिफ्ट हो सकता है । क्या हम मंगल गृह पर एक आदर्श समाज की कल्पना कर सकते है।   

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