Friday, 30 March 2012

डीएलएफ़ आईपीएल पांचवां संस्करण 20-20

डीएलएफ़ आईपीएल पांचवां संस्करण  20-20  4 अप्रैल से शुरू हो रहा है । हर कोई आईपीएल को लेकर बहुत ज़्यादा उत्साहित है। कुल मिलाकर 76 मैच होगे । चेन्नई सुपर किंग्स दो बार आईपीएल खिताब अपने नाम कर चुकी है । 27 मई को ही पता चलेगा कि 2012 की  डीएलएफ़ आईपीएल ट्रॉफी कौन टीम अपने नाम करेगी । ऑरेंज कैप क्रिस गेल के पास ही रहेगी या विराट कोहली के पास जाएगी या फिर कोई तीसरा बल्लेबाज उसे पहनने का हकदार होगा । पर्पल कैप किस बौलर के सर का ताज बनेगी । क्या लसिथ मललिंगा फिर से पर्पल कैप अपने नाम करेंगे ? सब प्रशनों के उतर 27 मई को मिल जायेंगे ।
आईपीएल की सबसे खास बात यह है कि विभिन्न देशों के खिलाड़ी देश, धर्म, भाषा और जाती से ऊपर उठकर  धर्म, जाती, भाषा, संप्रदाय का भेदभाव भुलाकर एक टीम के रूप मे अपने कौशल का प्रदर्शन करते है । यह  भी सोलह आने सच है की आईपीएल में बहुत ज़्यादा पैसा है और यह क्रिकेटरों को आकर्षित करता है ।  आईपीएल मे भारत के उतर किंग्स xi पंजाब  से लेकर दक्षिण चेन्नई सुपर किंग्स  तक और पूर्व कोलकाता नाइट राइडर्स  से लेकर पश्चिम राजस्थान रॉयल्स तक टीमो का प्रतिनिधितव है । कुल मिलाकर 9 टीमे डीएलएफ़ आईपीएल 2012 मे हिस्सा ले रही है । सभी नौ टीमों को 16 मैच खेलने है ।  डीएलएफ़ आईपीएल खेल आयोजन का उदेश्य क्रिकेट के माध्यम से सारे भारत को एक सूत्र मे जोड़ना है । यह सोने पर सुहागा होता यदि इन मेचों से प्राप्त होने वाली आय को देश के विकास कार्यो पर खर्च किया जाता
आईपीएल केवल 20 ओवर का खेल है लेकिन खेल का रोमांच 50 ओवर के मैच से कम नहीं है ।कम समय का खेल होने की वजह से हर वर्ग इस खेल का मजा ले सकता है । कृषक, मजदूर, शिक्षक, शिल्पी, व्यापारी, वैज्ञानिक, कलाकार सभी वर्गो के नागरिक अपने अपने घरों मे टीवी पर यह मैच देख सकेगे । जो देख नहीं सकेंगे वो रेडियो पर कोम्मेंट्री सुनेगे । खेल मे हार और जीत का विशेष महत्व नहीं होता । महत्व होता है अनुशाशन और ईमानदारी का । डीएलएफ़ आईपीएल फेयर प्ले अवार्ड इसी दिशा मे एक महत्वपूर्ण कदम है । उसी टीम को उतक्रिष्ट माना जाता है जिस टीम मे अनुशाशन, ईमानदारी और बंधुत्व का भाव रहता है ।

Thursday, 29 March 2012

मनुष्य के जीवन का समय बहुत ही अनमोल है

एसे महगे मोल का एक स्वास जो जाय ।
तीन लोक नहीं पटतरे काहे धूरी मिलाय ।
मनुष्य के जीवन का समय बहुत ही अनमोल है । एक एक श्वास पर करोड़ रूपये खर्च करने से भी एक श्वास का समय नहीं बढ़ सकता । रूपये खर्च करने से समय मिल जाता तो राजा महाराजा कोई नहीं मरते ।

Wednesday, 28 March 2012

दुनिया के सर्वश्रेस्ठ बल्लेबाज़ राहुल द्रविड़ को मेरा सलाम

दुनिया के सर्वश्रेस्ठ बल्लेबाज़ राहुल द्रविड़ को मेरा सलाम । सचिन की तुलना द्रविड़ से नहीं की जा सकती । दोनों खिलाड़ियो का अपना अपना अंदाज है खेलने का । दीवार के रूप मे लोकप्रिय राहुल द्रविड़ को लम्बी अवधि तक बल्लेबाजी करने की छमता के लिए जाना जाता है । सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर के बाद वे तीसरे भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 10,000 से अधिक रन बनाये हैं

Friday, 23 March 2012

शतकों का शतक - सचिन का महाशतक

मीरपुर मे बांग्लादेश के खिलाफ सौवा अंतर्राष्ट्रीय शतक जड़कर सचिन ने 16 मार्च 2012 के दिन को एतिहासिक बना दिया । सर्वकालिक महानतम क्रिकेटर बनने के पीछे है उनकी एकाग्रता तथा खेल के प्रति समर्पण । कई  क्रिकेटर आते है पाँच-छह साल खेलते है और फिर क्रिकेट से कमाई दौलत उन पर हावी हो जाती है । पर सचिन 22 वर्ष से उसी एकाग्रता से खेल रहे है । वह एकाग्रता तथा ध्यानपूर्वक गेंदबाजों की गेंदों को खेलते है । फिर सामने चाहे लसिथ मललिंगा हो या ब्रेट ली । जैसे अर्जुन को सिर्फ चिड़िया की आँख दिखाई देती है वैसे ही सचिन को सिर्फ गेंद तथा बाउंडरी दिखाई देती है । उनकी इसी एकाग्रता ने उन्हे सर्वश्रेस्ठ बल्लेबाज़ बना दिया । उनके खेल का दिलचस्प पहलू उनकी यह सोच है की किसी भी गेंदबाज  की गेंदों को बाउंडरी पार कराया जा सकता है ।
सचिन सचमुच भारत के रत्न है । भारत रत्न उन्हे मिले या न मिले सचिन किसी पहचान के मोहताज नहीं है । राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रशंशकों की लम्बी कतार है । तेंदुलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मे 100 शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज़ है । यह उपलब्धि देश के लिए गौरव की बात है ।

Thursday, 22 March 2012

सचिन का शतको का शतक

सचिन ने क्रिकेट मे वह मुक़ाम हासिल किया है जो किसी भी क्रिकेटर के लिए सपने जैसा है
शतको का शतक जड़ के वो विश्व के पहले बल्लेबाज बन गए है जिन्होने यह उपलब्धि हासिल करी है
उनके रेकॉर्ड की बराबरी करना किसी भी क्रिकेटर के लिए सपने जैसा है
100 शतको का रेकॉर्ड बनाने के लिए सचिन को बधाई